Sunday, April 5, 2009

सरल

सरल व संछेप ही सफलता का राज है । इसी में पुरी दुनिया सिमटी हुई है । पुरा पन्ना जिसे नही समझा सकता उसे एक शब्द ही समझा देता है ।

1 comment:

  1. प्रियवर मार्क राय जी

    पहले ध्यान ही नहीं रहा …
    आपके ब्लॉग के दो वर्ष पूर्ण होने पर
    हार्दिक बधाई !
    शुभकामनाएं !!
    मंगलकामनाएं !!!


    शुभाकांक्षी
    राजेन्द्र स्वर्णकार

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